गोड्डा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ताओं ने मेहरमा प्रखंड मुख्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने मेहरमा डाक बंगला परिसर से जुलूस निकाला, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंचा। यहां जुलूस धरना-प्रदर्शन में तब्दील हो गया।
झामुमो की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष सह कार्यक्रम प्रभारी महेंद्र उरांव ने कहा कि पार्टी विधेयक को झारखंड के हितों और खनिज संसाधनों से जुड़े राज्य के अधिकारों से जोड़कर इसका विरोध कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से संशोधन विधेयक वापस लेने की मांग की।
महेंद्र उरांव ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों तथा राज्य के हितों की रक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार विधेयक वापस नहीं लेती है तो झामुमो आंदोलन को और तेज करेगा। जरूरत पड़ने पर ‘उलगुलान’ किया जाएगा और राज्यभर में धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी
धरना-प्रदर्शन के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और खान एवं खनिज संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग की।
गौरतलब है कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को संसद के दोनों सदनों ने अगस्त 2026 में पारित किया था। केंद्र सरकार ने इसे खनन क्षेत्र में दक्षता बढ़ाने और महत्वपूर्ण खनिजों की बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से लाया गया संशोधन बताया है। वहीं झामुमो समेत विपक्षी दल इसके प्रावधानों और झारखंड के खनिज अधिकारों पर संभावित प्रभाव को लेकर विरोध कर रहे हैं।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में झामुमो प्रखंड सचिव ताला टुडू, झामुमो नेता दास, इसर मरांडी, मिथलेश दास, मो. इकबाल, ललन बेसरा, बीबी जैतुन, अमीन मुर्मू, प्रकाश मुर्मू, पंकज दास, नकुल सिंह, अब्दुल सत्तार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।



















