धनबाद। कोयलांचल में भू-धंसान की घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। रविवार को लोयाबाद थाना क्षेत्र के सात नंबर मुस्लिम मोहल्ले में तेज आवाज के साथ अचानक जमीन धंस गई। इसकी चपेट में चार मकान आ गए, जिनमें से दो पूरी तरह जमींदोज हो गए। मकानों में रखा गृहस्थी का सामान भी जमीन के भीतर समा गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जमीन धंसने से पहले तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इसके बाद लोग घबराकर अपने-अपने घरों से बाहर निकलने लगे। प्रभावित मकानों में रहने वाले लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद इलाके में कुछ देर तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही।
सूचना मिलते ही लोयाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी। बीसीसीएल और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। प्रभावित क्षेत्र की स्थिति और भू-धंसान के कारणों का आकलन किया जा रहा है।
छाताबाद और सिजुआ में भी हो चुकी हैं घटनाएं
धनबाद में हाल के दिनों में भू-धंसान की कई घटनाएं सामने आई हैं। सितंबर में छाताबाद के खुशबू मोहल्ले से मस्जिद रोड तक भू-धंसान का दायरा बढ़ने की रिपोर्ट सामने आई, जहां कई मकानों में दरारें आईं और प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास की मांग की।
वहीं, सिजुआ क्षेत्र में 8 सितंबर को भू-धंसान से कई मकान जमींदोज हुए थे। घटना में एक बच्चे की मौत हुई और परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए थे। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और भू-धंसान वाले हिस्से की भराई को लेकर कार्रवाई शुरू की गई थी।
इसके अलावा कोयलांचल के विभिन्न खनन क्षेत्रों में जमीन में दरार और धंसान की घटनाओं ने स्थानीय आबादी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच प्रभावित इलाकों में निगरानी, सुरक्षा घेराबंदी और पुनर्वास की कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है।
प्रशासन और बीसीसीएल की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोगों की मांग है कि जोखिम वाले इलाकों का सर्वे कराकर खतरे वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की ठोस व्यवस्था की जाए।




















