धनबाद/कतरास। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक प्रवीर रंजन, IPS ने 17 सितंबर को बीसीसीएल धनबाद इकाई का दौरा कर कोयला चोरी और अवैध तस्करी की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ‘जीरो कोल लीकेज’ के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया।
महानिदेशक के साथ सीआईएसएफ की वरिष्ठ अधिकारी विनिता ठाकुर, IPS, ADG/NORTH, प्रवीण चंद्र, महानिरीक्षक (पूर्वी खंड) तथा ऋषि कुमार महेका, IG (NES-II) सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
दौरे के दौरान महानिदेशक ने बीसीसीएल क्षेत्र में कोयला चोरी एवं अवैध कोयला तस्करी की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। उन्होंने भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा सीआईएसएफ एवं संबंधित सिस्टर एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया।
उन्होंने कोयला चोरी और तस्करी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए आधुनिक तकनीक के अधिकाधिक इस्तेमाल का निर्देश दिया। साथ ही छापेमारी के दौरान पकड़े गए आरोपियों और जब्त वाहनों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा मामलों को न्यायालय के माध्यम से तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
जवानों के लिए सुरक्षित माहौल पर जोर
महानिदेशक ने बल के अधिकारियों और जवानों के लिए भयमुक्त एवं सुरक्षित कार्य वातावरण को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने सभी बल सदस्यों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
उन्होंने Community Awareness Programme को और व्यापक बनाने तथा स्थानीय स्तर पर कोयला चोरी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का भी निर्देश दिया।
हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार की सराहना
कोयला चोरी से संबंधित सूचनाएं सीआईएसएफ तक पहुंचाने के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर 9341528406 के प्रचार-प्रसार की पहल की भी महानिदेशक ने सराहना की। उन्होंने इस माध्यम से आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया।
दो माह में 1022 रेड, 2655.82 टन कोयला बरामद
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले दो माह के दौरान सीआईएसएफ की ओर से कोयला चोरी एवं तस्करी के खिलाफ 1022 छापेमारी की गई। इस दौरान 2655.82 टन कोयला बरामद किया गया।
कार्रवाई के दौरान कुल 74 वाहन जब्त किए गए, जिनमें 60 मोटरसाइकिल, 2 टोटो/टेंपो और 12 साइकिल शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में संदिग्धों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
दौरे के अंत में महानिदेशक ने सरकार की ‘जीरो कोल लीकेज पॉलिसी’ को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले लगभग तीन माह के दौरान कोयला चोरी एवं तस्करी की रोकथाम के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी सतत और समन्वित कार्रवाई जारी रखने का आह्वान किया।




















