यूनियनों की ओर से 1.10 लाख रुपये तक की मांग की चर्चा, बैठक में पीएलआर की तस्वीर साफ होने की उम्मीद
धनबाद। कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों के करीब दो लाख गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के वर्ष 2026 के प्रदर्शन आधारित पारिश्रमिक (पीएलआर) यानी बोनस को लेकर तीन अक्टूबर को अहम बैठक होने जा रही है। कोलकाता स्थित कोल भवन में पूर्वाह्न 11 बजे एपेक्स जेसीसी के ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई है। बैठक का पत्र महाप्रबंधक (मानव संसाधन-आईआर) दुर्गा प्रसाद सामल ने 28 सितंबर को जारी किया है।
हालांकि आधिकारिक नोटिस में बोनस या पीएलआर निर्धारण का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, लेकिन सूत्रों के अनुसार बैठक में बोनस पर चर्चा और निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। तीन सितंबर को एपेक्स जेसीसी सदस्यों के साथ हुई बैठक में तीन अक्टूबर को इस मुद्दे पर चर्चा की सहमति बनी थी।
चार केंद्रीय यूनियनों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
बैठक में बीएमएस के के. लक्ष्मा रेड्डी, एचएमएस के हरभजन सिंह सिद्धू, एटक के रमेंद्र कुमार और सीटू के डीडी रामनंदन को आमंत्रित किया गया है। प्रबंधन की ओर से चेयरमैन, निदेशक (एचआर)/निदेशक (मार्केटिंग), निदेशक (वित्त) और कार्यकारी निदेशक (वित्त) को भी पत्र भेजा गया है।
इस बार एपेक्स जेसीसी के मंच पर बोनस चर्चा महत्वपूर्ण है। वहीं इंटक की भागीदारी को लेकर कानूनी विवाद भी बना हुआ है। इंटक नेता एसक्यू जामा के अनुसार, प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
छह वर्षों में 34,500 रुपये बढ़ा बोनस
वर्ष| बोनस
2020| ₹68,500
2021| ₹72,500
2022| ₹76,500
2023| ₹85,000
2024| ₹93,750
2025| ₹1,03,000
वर्ष 2020 से 2025 के बीच बोनस में कुल 34,500 रुपये की वृद्धि हुई है। इस बार यूनियनों की ओर से करीब 1.10 लाख रुपये तक की मांग रखे जाने की चर्चा है, जबकि प्रबंधन की ओर से करीब 1.07 लाख रुपये तक की राशि पर सहमति की संभावना संबंधी चर्चा है। हालांकि बैठक से पहले इन आंकड़ों को आधिकारिक नहीं माना जा सकता।
बोनस निर्धारण में कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर भी चर्चा हो सकती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कोल इंडिया का शुद्ध लाभ 2023-24 में करीब 37,369 करोड़, 2024-25 में 35,450 करोड़ और 2025-26 में करीब 31,071 करोड़ रुपये रहा।
अब करीब दो लाख कोलकर्मियों की नजर तीन अक्टूबर की बैठक पर है, जहां पीएलआर की राशि और निर्धारण प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।




















