धनबाद। लोयाबाद कोलियरी क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कोलियरी प्रबंधन की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से अग्नि प्रभावित एवं संभावित भू-धंसान वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से इलाका खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई।
दोपहर करीब 12 बजे लोयाबाद कोलियरी के धौड़ा सुपरवाइजर विक्रम पासवान और सर्वे कर्मी मानिक चटर्जी टेंपो पर लाउडस्पीकर लगाकर विभिन्न श्रमिक कॉलोनियों में पहुंचे। इस दौरान लोयाबाद दुर्गा मंदिर, आठ नंबर, सात नंबर, पिट खाद, लोयाबाद कोक प्लांट, पावर हाउस, न्यू ड्रिफ्ट सहित अन्य इलाकों में लोगों को आगाह किया गया।
लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से कहा गया कि उनके मकान अग्नि प्रभावित एवं भू-धंसान संभावित क्षेत्र में हैं। प्रबंधन की ओर से लोगों से जल्द से जल्द क्षेत्र खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने का आग्रह किया गया। ऐलान में कहा गया कि “आपका जीवन अनमोल है” और क्षेत्र में कभी भी भू-धंसान की घटना हो सकती है।
ऐलान के बाद लोगों में नाराजगी
प्रबंधन के इस ऐलान के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि लोयाबाद कोलियरी क्षेत्र में अब तक भू-धंसान की कोई बड़ी घटना नहीं हुई है, तो अचानक इस तरह का ऐलान क्यों कराया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने कोलियरी प्रबंधन पर उन्हें क्षेत्र से हटाने की साजिश का आरोप भी लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इन श्रमिक कॉलोनियों में रह रहे हैं और उनके लिए अचानक घर खाली करना संभव नहीं है। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि वे इस इलाके को सुरक्षित मानते हैं और किसी भी कीमत पर अपना घर छोड़कर जाने को तैयार नहीं हैं।
प्रबंधन के ऐलान से बढ़ा विवाद
लाउडस्पीकर से की गई अपील के बाद इलाके में सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोग प्रबंधन से यह स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं कि किन-किन क्षेत्रों को अग्नि प्रभावित एवं भू-धंसान संभावित घोषित किया गया है और इसके पीछे सर्वेक्षण या तकनीकी रिपोर्ट क्या कहती है।
फिलहाल, प्रबंधन के इस ऐलान के बाद लोयाबाद कोलियरी क्षेत्र में लोगों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ है।




















