हजारों परिवारों की सुरक्षा को लेकर अधिवक्ता दीपनारायण ने दायर की शिकायत, NHRC ने दर्ज किया मामला
कतरास। धनबाद जिले में भू-धंसान, भूमिगत आग और अवैध खनन से उत्पन्न सुरक्षा संबंधी चिंताओं का मामला अब राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है। कतरास निवासी अधिवक्ता दीपनारायण ने धनबादवासियों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा को लेकर आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत को आयोग ने स्वीकार करते हुए डायरी नंबर 22069/IN/2026 आवंटित किया है। वहीं धनबाद कोर्ट में भी HRC No. 1/2026 दायर किए जाने की जानकारी दी गई है।
शिकायत में झरिया, कतरास, सिजुआ, कुसुंडा, बस्ताकोला, लोदना और गोविंदपुर समेत कई क्षेत्रों में भू-धंसान, जमीन में दरार, भूमिगत आग और जहरीली गैस के संभावित खतरे का उल्लेख किया गया है। याचिका में पूरे धनबाद जिले के निवासियों को प्रभावित पक्ष बताते हुए उनके जीवन, मकान और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने 25 जून 2025 को स्वीकृत 5,940.47 करोड़ रुपये के संशोधित झरिया मास्टर प्लान का हवाला देते हुए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की गति पर सवाल उठाया है। बीसीसीएल और जेआरडीए के बीच जिम्मेदारी को लेकर कथित मतभेद का भी उल्लेख किया गया है।
याचिका में बंद खदानों की सुरक्षा, वैज्ञानिक सर्वे और अवैध खनन पर रोक की मांग के साथ जीआईएस आधारित खतरा मानचित्र, 24 घंटे इमरजेंसी कंट्रोल रूम एवं हेल्पलाइन शुरू करने तथा जोखिम वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वासित करने की मांग की गई है।
मामले में बीसीसीएल के सीएमडी, डायरेक्टर पर्सनल, 12 एरिया के महाप्रबंधकों, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सीआईएसएफ, नगर निगम और डीजीएमएस को प्रतिवादी बनाया गया है।




















