धनबाद/कतरास: लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं के विरोध में कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार को कतरास शहर, पंचगढ़ी बाजार सहित भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों में बंदी रखी गई। मोर्चा के सदस्यों ने बंदी को स्थानीय लोगों और दुकानदारों का समर्थन मिलने का दावा किया। आंदोलनकारियों ने कहा कि कतरास को भू-धंसान के खतरे से बचाने के लिए शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
मोर्चा के सदस्यों ने बीसीसीएल से मेगा प्रोजेक्ट और भूमिगत खनन से संबंधित नियम-कानून तथा परियोजनाओं की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही भू-धंसान की घटनाओं और अवैध खनन से जुड़े आरोपों की जांच कराने की मांग भी उठाई गई।
आंदोलनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से कोयला खनन किया जाना चाहिए। विकास और खनन गतिविधियों के कारण लोगों के घरों और जान-माल पर खतरा नहीं होना चाहिए। प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, समस्या के स्थायी समाधान और पुनर्वास को लेकर भी ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि भू-धंसान प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान और पुनर्वास को लेकर ठोस पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कतरास क्षेत्र के एक से 12 तक चक्काजाम करने की भी चेतावनी दी गई है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य भू-धंसान प्रभावित लोगों की आवाज जनप्रतिनिधियों और सरकार तक पहुंचाना तथा क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराना है।




















