साहिबगंज/राजमहल। Mines and Minerals (Development and Regulation) यानी MMDR Amendment Act, 2026 को लेकर झारखंड में राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने केंद्र सरकार के खनिज संबंधी नए प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए इसे राज्य के खनिज संसाधनों और अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया है। पार्टी के आह्वान पर साहिबगंज जिले में भी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
जल-जंगल-जमीन और राज्य के अधिकारों का मुद्दा
JMM नेताओं का कहना है कि झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य में खनिज संसाधनों से जुड़े कानूनों का सीधा प्रभाव राज्य की अर्थव्यवस्था, राजस्व और स्थानीय हितों पर पड़ता है। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने जल, जंगल और जमीन तथा झारखंडियों के अधिकारों की रक्षा का मुद्दा उठाया और केंद्र सरकार से नए प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग की।
पार्टी नेताओं ने कहा कि झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य और स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। विरोध प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
MMDR कानून में क्या बदला है?
MMDR Amendment Bill, 2026 को लोकसभा में 10 अगस्त और राज्यसभा में 13 अगस्त 2026 को पारित किया गया। इसके तहत केंद्र सरकार को खनिज-युक्त भूमि के विनियमन से संबंधित अतिरिक्त अधिकार देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही राज्यों द्वारा खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर लगाए जाने वाले कुछ कर, उपकर या अन्य शुल्कों पर केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों और सीमाओं का प्रावधान किया गया है।
केंद्र सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में स्थिरता, निश्चितता और पूर्वानुमेयता लाना है। सरकार के अनुसार राज्यों को मिलने वाले खनन संबंधी अधिकांश कर एवं वैधानिक भुगतान की व्यवस्था जारी रहेगी।
वहीं, विपक्षी दलों और कुछ विशेषज्ञों की ओर से राज्यों के अधिकारों तथा संघीय ढांचे पर इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठाए गए हैं। PRS के विश्लेषण में भी राज्यों की खनिज अधिकारों एवं खनिज-युक्त भूमि पर कर लगाने की शक्तियों से जुड़े संवैधानिक और नीतिगत प्रश्नों को प्रमुख मुद्दा बताया गया है।
राजमहल में भी प्रदर्शन जारी
राजमहल में आयोजित विरोध कार्यक्रम के दौरान JMM नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से संबंधित प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की। नगर अध्यक्ष कुतुबुद्दीन शेख सहित पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए।
JMM की ओर से कहा गया कि झारखंड के खनिज संसाधनों से जुड़े फैसलों में राज्य के हितों और स्थानीय आबादी की चिंताओं को पर्याप्त महत्व दिया जाना चाहिए। पार्टी ने इस मुद्दे पर अपना विरोध आगे भी जारी रखने की बात कही।
















