केंद्रीय अध्यक्ष संत कुमार घोष ने धार्मिक परंपराओं, मर्यादाओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं के सम्मान पर दिया जोर
साहिबगंज, झारखंड | नवसंदेश दृष्टि।
साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड में नवरात्रि के दौरान आयोजित किए जा रहे गरबा-डांडिया कार्यक्रमों को लेकर हिंदू धर्म रक्षा मंच ने चिंता व्यक्त की है। मंच के केंद्रीय अध्यक्ष संत कुमार घोष ने संबंधित आयोजनों के संबंध में सामने आ रही सूचनाओं का हवाला देते हुए जिला प्रशासन से आयोजनों की प्रकृति, आयोजकों और व्यवस्थाओं की जांच कराने तथा तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
मंच की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में संत कुमार घोष ने कहा कि नवरात्रि मां दुर्गा की आराधना, उपासना, साधना और शक्ति की भक्ति का पावन अवसर है। उन्होंने गरबा और डांडिया को धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व से जुड़े पारंपरिक आयोजन बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में सनातन परंपराओं, धार्मिक मर्यादाओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
धार्मिक परंपराओं और मर्यादाओं पर जोर
हिंदू धर्म रक्षा मंच ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में धार्मिक आयोजनों के दौरान परंपराओं और आस्थाओं से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता बरतने की आवश्यकता बताई है। मंच का कहना है कि नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की प्रकृति और व्यवस्थाओं को लेकर यदि कोई शिकायत या संदेह सामने आता है, तो संबंधित तथ्यों की जांच की जानी चाहिए।
मंच के केंद्रीय अध्यक्ष संत कुमार घोष ने धार्मिक आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार की अशोभनीय गतिविधि अथवा परंपराओं के प्रति असम्मान को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने धार्मिक आयोजनों की मर्यादा बनाए रखने और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बरहरवा के आयोजनों की जांच की मांग
प्रेस विज्ञप्ति में बरहरवा प्रखंड में गैर-हिंदुओं द्वारा गरबा-डांडिया कार्यक्रम आयोजित किए जाने को लेकर सामने आ रही सूचनाओं पर चिंता व्यक्त की गई है। इसी संदर्भ में मंच ने जिला प्रशासन से संबंधित आयोजनों की वास्तविक प्रकृति, आयोजकों और व्यवस्थाओं की जांच कराने का आग्रह किया है।
हालांकि, उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में किसी विशिष्ट आयोजन में अनियमितता के प्रमाण या प्रशासन की जांच के निष्कर्ष प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। इसलिए इस मामले में संबंधित आयोजकों का पक्ष और प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने आना महत्वपूर्ण है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नजर
हिंदू धर्म रक्षा मंच की मांग के बाद अब संबंधित आयोजनों के संबंध में प्रशासन का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा। तथ्यों की जांच और संबंधित पक्षों के बयान से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, यह समाचार मंच की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में व्यक्त विचारों और मांगों पर आधारित है। आयोजनों से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
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