कतरास: धनबाद में कोयला कारोबार से जुड़े कथित घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने अपनी कार्रवाई काफी तेज कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच के दायरे में मुख्य रूप से माधव सिंह उर्फ प्रदीप सिंह, पप्पू मंडल, गणेश यादव और रोहित यादव आए हैं, जिन पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय जांच एजेंसी ने इन चारों को पूछताछ के लिए लगातार तीन बार समन जारी किया था, लेकिन वे निर्धारित समय पर एजेंसी के कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद से ही ईडी उनकी सरगर्मी से तलाश में जुटी हुई है।
जांच एजेंसी को यह पुख्ता संदेह है कि ये सभी लोग कोयले के वैध और कथित अवैध कारोबार से गहराई से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इनकी वास्तविक भूमिका और आरोपों की सच्चाई विस्तृत जांच के पूरी होने के बाद ही आधिकारिक तौर पर स्पष्ट हो पाएगी, क्योंकि किसी भी व्यक्ति को समन भेजा जाना या पूछताछ के लिए बुलाया जाना अपने आप में कोई अपराध साबित नहीं करता है।
इस बहुचर्चित कोयला घोटाले की जांच के दूसरे चरण के दौरान ईडी ने कोयला व्यापारी एलबी सिंह सहित अन्य बड़े कारोबारियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की थी। इसी तलाशी अभियान के क्रम में माधव सिंह, पप्पू मंडल, गणेश यादव और रोहित यादव के परिसरों पर भी छापे मारे जाने की पुख्ता जानकारियां सामने आई थीं। इन छापेमारी के दौरान बरामद किए गए अहम दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों के आधार पर ही जांच का दायरा लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। एजेंसी कथित कोयला कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन और इसमें शामिल लोगों की व्यक्तिगत व व्यावसायिक भूमिका की गहरी पड़ताल कर रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कोयला व्यापारी एलबी सिंह और उनके परिवार के सदस्यों से हुई मैराथन पूछताछ के बाद ही ईडी ने इन चारों लोगों को औपचारिक रूप से समन भेजकर अपना पक्ष रखने और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद उनके निर्धारित समय पर उपस्थित न होने की बात सामने आई है। तीन बार समन भेजे जाने के बाद भी इनमें से किसी के भी पूछताछ के लिए हाजिर होने या फिर मोहलत मांगने से संबंधित कोई भी आवेदन देने की बात अब तक सामने नहीं आई है, हालांकि इस संबंध में ईडी की अंतिम आधिकारिक पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष आना अभी बाकी है।
सूत्रों के हवाले से यह भी सनसनीखेज बात सामने आ रही है कि जांच की भनक लगते ही इनमें से कुछ आरोपियों के घरों पर ताला लटक गया है और वे अपने परिवार के साथ भूमिगत होकर कहीं चले गए हैं। फिलहाल ईडी इन सभी के वर्तमान ठिकानों, मोबाइल संपर्कों और अन्य नेटवर्क की जानकारी जुटाने में दिन-रात एक कर रही है। इसके साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन्हें पर्दे के पीछे से किसका और किस स्तर का संरक्षण प्राप्त था। फिलहाल इस पूरे मामले में आगामी कार्रवाई पूरी तरह से ईडी की तकनीकी जांच, बरामद पुख्ता साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों से होने वाली भविष्य की पूछताछ पर निर्भर करेगी।





















