Dhanbad, प्रतिनिधि: धनबाद जिले के भूधसान (लैंडस्लाइड) डेंजर जोन में रहने वाले लोगों की जिंदगी लगातार खतरे में बनी हुई है। ताजा मामला टांडा बस्ती का है, जहां हुए दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है, वहीं स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है।
टांडा बस्ती लंबे समय से भूधसान प्रभावित क्षेत्र माना जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जमीन धंसने की घटनाएं यहां आम हो चुकी हैं। कई घरों में दरारें पड़ गई हैं और लोगों को हर वक्त बड़े हादसे का डर सता रहा है।
हादसे के बाद प्रशासन सक्रिय
घटना के बाद Bharat Coking Coal Limited (बीसीसीएल) और जिला प्रशासन हरकत में आए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाने का आश्वासन दिया गया है।
विस्थापन प्रक्रिया शुरू
प्रशासन द्वारा विस्थापन की दिशा में कदम उठाते हुए स्थानीय लोगों से आधार कार्ड जमा करवाए जा रहे हैं और लाभार्थियों की सूची तैयार की जा रही है।
डर के माहौल में लोग अपने दस्तावेज अधिकारियों के पास जमा कर रहे हैं, ताकि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित आवास मिल सके।
घर छोड़ने को मजबूर परिवार
हादसे के बाद कुछ परिवारों को एहतियातन अपने घर खाली करने के लिए कहा गया है। कई लोग अपना सामान लेकर सड़कों पर आ गए हैं।
घटनास्थल के पास राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से ठहराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पीढ़ियों से इस इलाके में रह रहे हैं, लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वहां रहना मुश्किल हो गया है।
लोगों का आरोप है:
“हर बार हादसे के बाद ही बीसीसीएल और प्रशासन सक्रिय होते हैं, लेकिन समय बीतने के साथ विस्थापन की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है।”
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें हैं:
सुरक्षित स्थान पर स्थायी पुनर्वास
उचित मुआवजा
भूधसान प्रभावित क्षेत्रों की नियमित निगरानी
निष्कर्ष
टांडा बस्ती का यह हादसा एक बार फिर भूधसान प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। जब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक हजारों लोगों की जिंदगी खतरे में बनी रहेगी।




