धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्र-नौजवानों के ऐतिहासिक संघर्ष की जीत
प्रकाशित तिथि: 26/07/2026 |
संवाददाता: मनोज कुमार
गोड्डा।
*छात्र नेता अफजल दुर्रानी को साथियों ने मिठाई खिलाकर छात्र आंदोलन की जीत का मनाया जश्न*
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आल इंडिया यूथ फेडरेशन एवं ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) द्वारा संयुक्त रूप से छात्रों की मांगो पर ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में मिठाई एवं चॉकलेट का वितरण किया गया। दौरान आतिशबाजी कर खुशी मनाई गई। इस अवसर पर युवाओ एवं छात्रों ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत देशभर के छात्र-नौजवानों के लंबे संघर्ष, एकजुटता और लोकतांत्रिक आंदोलन का परिणाम है।
इस अवसर पर एआईएसएफ झारखंड के राज्य सह सचिव अफजल दुर्रानी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया है। छात्र तो केवल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार को डर था कि यदि छात्रों का आंदोलन और तेज हुआ तो यह मांग प्रधानमंत्री के इस्तीफे तक भी पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि यह इस्तीफा छात्र-नौजवानों के ऐतिहासिक संघर्ष की सबसे बड़ी जीत है। जिस सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लग रहा था, उसे अंततः छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलन के सामने झुकना पड़ा। यह देशभर के छात्रों की एकता और संघर्ष की जीत है। झारखंड राज्य नौजवान संघ के महासचिव सह
भाकपा के जिला सचिव अजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार दमनकारी नीतियों के माध्यम से छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन देशभर के छात्र-नौजवानों ने जिस मजबूती और एकजुटता के साथ आंदोलन किया, उसके सामने सरकार को झुकना पड़ा। इस अवसर पर एआईएसएफ के राज्य सह सचिव एहतेशाम परवीन, छात्र नेता अनुराग सेठ तेजू मुंडा, मनोज कुमार, सुष्मिता कुमारी, सागर रविदास, प्रियांशी कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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