धनबाद में भू-माफियाओं का बड़ा खेल: जाली नक्शा और फर्जी वंशावली के दम पर हड़पी 15.5 डिसमिल जमीन
प्रकाशित तिथि: 26/07/2026 |
संवाददाता: मिलन कुमार पाठक
सीओ ने रद्द किया म्यूटेशन। प्रेस वार्ता के दौरान विक्रेता पक्ष ने किया हंगामा, पत्रकारों से भी की बदसलूकी, महिला ने कहा “वीडियो बनाइयेगा तो मारेंगे*
*कतरास* : धनबाद जिले में फर्जी दस्तावेजों के सहारे कीमती जमीनों को हड़पने का एक बड़ा मामला सामने आया है। कतरास बाजार निवासी रितिक पटवा ने धनबाद के उपायुक्त-सह-जिला निबंधक को आवेदन देकर भू-माफियाओं, तत्कालीन पार्षद और अवर निबंधन अधिकारी की साठगांठ से हुई करोड़ों की जमीन के अवैध रजिस्ट्री की शिकायत की है और मामले में दोषी लोगों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग उठाई है। मामले को लेकर रैयत के दर्जनों वंशजों ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर पूरे मामले की विस्तार से जानकारी दी। प्रेस वार्ता कर रहे रितिक पटवा एवं अन्य ने बताया कि बाघमारा अंचल के हीरक रोड में ओम ऑटो मोबाइल के समीप मौजा-कतरास(239), खाता सं.- 30, प्लॉट सं.- 330, रकबा- 15.5 डिसमिल पैतृक भूमि पर तीन भाइयों जगत तारण पटवा, सत्यनारायण पटवा एवं स्वर्गीय सनातन पटवा की पत्नी मधुमालती देव्या एवं उनके वंशजों का बराबर बराबर हक है एवं इसका सरकारी पंजी-2 में संयुक्त रूप से नाम भी दर्ज है।
*फर्जी वंशावली से मिटा दिया असली वारिसों का वजूद*
शिकायतकर्ता के अनुसार विक्रेता मधु मालती देव्या ने वार्ड संख्या 3 के तत्कालीन पार्षद विनायक कुमार गुप्ता के साथ साजिश रचकर एक पूरी तरह फर्जी वंशावली तैयार करवाई। इस फर्जी वंशावली में ससुर को परदादा ससुर दर्शाया गया और अन्य जीवित वारिसों को मृत या अस्तित्वहीन साबित कर खुद को इकलौता वारिस घोषित कर दिया गया।
*बिना अमीन के घर में बनाया ‘जाली नक्शा‘*
इतना ही नहीं, रजिस्ट्री के दौरान डीड के साथ जो चौहद्दी का नक्शा संलग्न किया गया, उस पर किसी भी अधिकृत अमीन के हस्ताक्षर या नाम दर्ज नहीं हैं। आरोप है कि यह जाली एवं कूट रचित नक्शा घर पर ही बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के तैयार किया गया और इसी फर्जी नक्शे को आधार बनाकर डीड संख्या-1963 के जरिए पूरी 15.5 डिसमिल जमीन क्रेता कुमार विनय, हिमांशु कुमार और मो० नबी हुसैन के नाम अवैध रूप से बेच दी गई।
*अवर निबंधन अधिकारी पर भी उठे सवाल, म्यूटेशन रद्द*
मामले में पीड़ित ने अवर निबंधन अधिकारी श्री रामेश्वर प्रसाद सिंह की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। ऑनलाइन पंजी-2 में अन्य हिस्सेदारों के नाम दर्ज होने और नक्शे पर अमीन के हस्ताक्षर न होने के बावजूद इस अवैध रजिस्ट्री को अंजाम दिया गया। हालांकि, मामले में जालसाजी का खुलासा होने पर बाघमारा अंचल कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दाखिल-खारिज (Mutation Case No. 3040/2025-2026) को खारिज/रद्द कर दिया है, जिससे धोखाधड़ी की पुष्टि होती है।
पीड़ित पक्ष ने उपायुक्त से मांग करते हुए कहा है कि जाली दस्तावेज, फर्जी वंशावली और घर में बैठकर नक्शा बनाने वाले भू-माफियाओं, तत्कालीन पार्षद, क्रेताओं, गवाहों तथा संबंधित अधिकारियों पर तुरुंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत जल्द ही मुख्यमंत्री और अन्य वरीय अधिकारियों से किया जाएगा।
पीड़ित पक्ष ने उपायुक्त से मांग करते हुए कहा है कि जाली दस्तावेज, फर्जी वंशावली और घर में बैठकर नक्शा बनाने वाले भू-माफियाओं, तत्कालीन पार्षद, क्रेताओं, गवाहों तथा संबंधित अधिकारियों पर तुरुंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत जल्द ही मुख्यमंत्री और अन्य वरीय अधिकारियों से किया जाएगा।
*वहीं विक्रेता पक्ष के मधु मालती देव्या ने विवादित जमीन पर अपना हक, दावा और कब्जा बताया।*
*प्रेस वार्ता के दौरान दो पक्षों में हुई झड़प, महिला ने कहा वीडियो बनाइयेगा तो मारेंगे, मौके पर पहुंची पुलिस*
प्रेस वार्ता के दौरान विक्रेता पक्ष के 4-5 महिला अचानक से मौके पर पहुंच गए और प्रेस वार्ता कर रहे लोगों के साथ मारपीट और धक्का मुक्की करना शुरू कर दिए। विक्रेता पक्ष के लोगों नेप्रेस वार्ता के लिए लगाए गए टेबल एवं कुर्सियां फेंकनी शुरू की। जानकारी के अनुसार इस बीच पूरे घटनाक्रम का कवरेज कर रहे पत्रकारों पर भी पत्थर फेंके जाने की सूचना है। कथित रूप से मौके पर कवरेज कर रहे एक पत्रकार का मोबाइल भी छिन कर गिरा दिया गया। पत्रकारों से तू तू मैं मैं भी हुई। विक्रेता पक्ष के एक महिला ने कहा कि वीडियो बनाइयेगा तो मारेंगे। मामले की जानकारी मिलने पर कतरास पुलिस मौके पर पहुंची एवं पूछताछ के लिए दोनों पक्षों को कतरास थाना ले आई । प्रथम पक्ष के रितिक ने कहा कि उन लोगों के हिस्से की जमीन को गलत तरीके से बेच दिया गया है। विरोध करने पर जमीन बेचने और खरीदने वालों से उन्हें खतरा है। उन्होंने पुलिस से विधि सम्मत कार्रवाई करने का मांग किया। वहीं पुलिस ने कहा मामले की जाँच पड़ताल कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने किसी को भी पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार करने से बचने का सलाह दिया है
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