ग्रामीणों को मिली आपदा पीड़ितों के लिए विधिक सेवा की जानकारी
प्रकाशित तिथि: 22/07/2026 |
संवाददाता: मनोज कुमार
गोड्डा।
*चिलकारा गोविंद पंचायत भवन में डालसा की ओर से आउटरीच एंड अवेयरनेश प्रोग्राम आयोजित*
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रधान जिला जज रमेश कुमार एवं सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर पथरगामा प्रखंड के चिलकारा गोविंद पंचायत भवन में जनसंपर्क एवं जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान डालसा की टीम में शामिल एलएडीसी राहुल कुमार, अधिकार मित्र रामलिवास महतो, बासुदेव मणीनंदन कुमार, गायत्री कुमारी ने ग्रामीणों को कानूनी सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से आपदा पीड़ितों के लिए कानूनी सेवाएं से संबंधित जानकारी दी गई। डालसा टीम ने कहा कि प्राधिकरण 'न्याय सबके लिए' के सिद्धांत पर काम करती है। नालसा ने "आपदा पीड़ितों के लिए विधिक सेवा योजना, 2010" तैयार की है। इसके तहत कोई प्राकृतिक आपदा (बाढ़, भूकंप) या मानव निर्मित आपदा आती है, तो प्राधिकरण की ओर से तत्काल राहत और सहायता की जाती है। आपदा में अक्सर लोगों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक या संपत्ति के कागज खो जाते हैं। डालसा इन दस्तावेजों को दोबारा बनवाने में मदद करता है। सरकार द्वारा घोषित अनुग्रह राशि और मुआवजे को प्राप्त करने के लिए आवेदन भरने और प्रक्रिया को पूरा करने में सहायता करती है। यदि किसी आपदा पीड़ित का कोई मामला कोर्ट में है या आपदा के कारण कोई कानूनी विवाद उत्पन्न होता है (जैसे बीमा क्लेम, संपत्ति विवाद), तो उन्हें मुफ्त वकील) प्रदान किया जाता है। बीमा कंपनियों, बैंकों या सरकारी विभागों के साथ होने वाले विवादों को कोर्ट के बाहर 'लोक अदालत' या 'मध्यस्थता' के माध्यम से जल्दी सुलझाने का प्रयास किया जाता है। आपदा की स्थिति में प्राधिकरण विशेष रूप से महिलाएं और बच्चे को आपदा के दौरान तस्करी या शोषण से बचाती है। अनाथ बच्चे की पहचान करती है। जिन्होंने माता-पिता खो दिए हैं और उनका संरक्षण सुनिश्चित करने, बुजुर्ग और दिव्यांग को राहत शिविरों में प्राथमिकता दिलाती है। इसके अलावा हेल्पलाइन, आनलाइन पोर्टल व अधिकार मित्रों के माध्यम से सहायता प्रदान करती है। मौके पर पंचायत सचिव दिनेश पासवान, मुखिया प्रकाश दास आदि ने भी विचार व्यक्त किया।
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