सीआईएसएफ इकाई, बीसीसीएल धनबाद
प्रकाशित तिथि: 22/07/2026 |
संवाददाता: मिलन कुमार पाठक
धनबाद, 21 जुलाई। धनबाद क्षेत्र में अवैध कोयला खनन एवं तस्करी के विरुद्ध सीआईएसएफ द्वारा चलाए गए व्यापक अभियान में अब कानूनी कार्रवाई निर्णायक चरण में पहुंच गई है। अवैध खनन एवं परिवहन से जुड़े मामलों में MMDR Act के तहत धनबाद न्यायालय में औपचारिक परिवाद (Complaint Cases) दायर किए गए हैं, जिनका न्यायालय द्वारा पंजीकरण भी कर लिया गया है।
अब तक कुल 12 परिवाद दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें केस संख्या 6793/2026, 6794/2026, 6795/2026, 6832/2026, 6834/2026, 6835/2026, 6865/2026, 6881/2026, 6883/2026, 6927/2026, 6932/2026 एवं 6934/2026 शामिल हैं। सभी मामलों का संबंधित Filing Number एवं CNR Number के साथ विधिवत पंजीकरण किया गया है, जिससे आरोपितों के विरुद्ध न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
दायर परिवादों में 17 ज्ञात एवं अन्य संदिग्ध अभियुक्तों को नामजद आरोपित बनाया गया है। साथ ही, प्रभावी एवं सफल अभियोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीआईएसएफ ने न्यायालय से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 225 के तहत वादी को अन्वेषण करने कि अनुमति प्रदान किये जाने का भी अनुरोध (प्रार्थना) किया है।
यह कार्रवाई भारत सरकार की "Zero Coal Leakage Policy" के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत सीआईएसएफ इकाई बीसीसीएल, धनबाद द्वारा चलाए गए विशेष अभियान का परिणाम है। अभियान के दौरान अवैध कोयला खनन, भंडारण एवं परिवहन के संगठित नेटवर्क का खुलासा किया गया तथा बड़ी मात्रा में अवैध कोयला बरामद किया गया। इसे धनबाद क्षेत्र में अवैध खनन के विरुद्ध सीआईएसएफ की अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई माना जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल अवैध कोयले की बरामदगी तक सीमित न रहकर पूरे अवैध तंत्र को कानून के दायरे में लाना तथा राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
न्यायालय में परिवाद दायर होने और मामलों के विधिवत पंजीकरण के साथ अब प्रकरण न्यायिक प्रक्रिया में प्रवेश कर चुके हैं। इससे अवैध कोयला खनन एवं तस्करी से जुड़े मामलों में विधिसम्मत अभियोजन को गति मिलने तथा दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई का मार्ग और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है
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