गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड रोड का श्रेय किसे? नागरिक समिति के संघर्ष के साथ तत्कालीन सांसद के प्रयास भी रहे महत्वपूर्ण
प्रकाशित तिथि: 16/07/2026 |
संवाददाता: मिलन कुमार पाठक
धनबाद सांसद ढुलू महतो और निरसा विधायक अरूप चटर्जी के आरोप-प्रत्यारोप के दाैर के बीच अब दोनों निर्माण का श्रेय लेने में जुटे
*धनबाद :* दिल्ली-हावड़ा जीटी रोड के सिक्स लेनिंग के दाैरान धनबाद जिले में गोविंदपुर और निरसा में एलिवेटेड रोड का निर्माण हो रहा है। निरसा में स्थानीय विधायक अरूप चटर्जी द्वारा काम बंद कराने के बाद राजनीति तेज हो गई है।
धनबाद के सांसद ढुलू महतो और निरसा के विधायक अरूप चटर्जी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दाैर चल रहा है। अब दोनों निर्माण का श्रेय लेने में जुटे हैं।
सांसद ढुलू महतो और विधायक अरूप चटर्जी के बीच वाकयुद्ध के बीच गोविंदपुर एवं निरसा में एलिवेटेड रोड की बुनियाद में गोविंदपुर की गैर राजनीतिक सामाजिक संस्था नागरिक समिति है। 2012-13 में समिति यदि चुप रह जाती तो बरवाड़ा की तरह गोविंदपुर में भी ग्रेट सेपरेटर फ्लाइओवर बना दिया जाता।
गोविंदपुर बाजार दो भागों में बंट जाता। गिरिडीह रोड एवं सिंदरी रोड के जंक्शन को देखते हुए गोविंदपुर में ग्रेट सेपरेटर का प्रावधान किया गया था। जबकि निरसा में यह प्रावधान नहीं था। वाहनों के भारी दबाव को देखकर एनएचएआई ने वर्ष 2008 में इस फोरलेन सड़क को सिक्स लेन में बदलने की पहल शुरू की थी।
वर्ष 2011 के दिसंबर माह में बरवाड़ा-बराकर क्षेत्र के भूमि अधिग्रहण के संबंध में लोक आपत्ति और मंतव्य मांगा गया था। नागरिक समिति ने इसका जोरदार विरोध शुरू किया था। समिति का तर्क था कि फोरलेन के दौरान अनेक मकान, दुकान, जल स्रोत आदि नष्ट हो गए।
समिति ने एलिवेटेड रोड के लिए केंद्रीय मंत्री से लेकर एनएचएआई अध्यक्ष, पीडी व डीसी से लगातार पत्राचार किया। अध्यक्ष शरत दुदानी के नेतृत्व में नागरिक समिति ने 2013 के छह जुलाई को गोविंदपुर बाजार बंद कराया था। इसमें तत्कालीन सांसद पीएन सिंह, विधायक फूलचंद मंडल व सभी दलों के नेताओं का समर्थन था।
इसके बाद निरसा में भी नागरिक समिति का गठन किया गया और वहां के लोग भी जमीन अधिग्रहण का विरोध करने लगे। सांसद पीएन सिंह के माध्यम से गोविंदपुर व निरसा नागरिक समिति केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी मिली थी। वर्ष 2023 के फरवरी माह से नागरिक समिति गोविंदपुर ने इस मामले को फिर तूल दिया।
समिति की अपील पर फरवरी 2023 से फरवरी 2024 तक पीएन सिंह ने चार पत्र केंद्रीय मंत्री गडकरी को लिखे थे। मंत्रालय ने सर्वेक्षण कराया। फिर डीपीआर बना। परंतु टेंडर की तिथि लगातार टलती रही। इसके बाद अध्यक्ष नंदलाल अग्रवाल के नेतृत्व में समिति 2024 के एक दिसंबर को सांसद ढुलू महतो के पास गई और टेंडर को फाइनल कराने के लिए मंत्री गडकरी से निवेदन करने का आग्रह किया।
चार दिसंबर को सांसद ने इस मामले को लोकसभा में उठाया और गडकरी से मिलकर ज्ञापन भी दिया था। इसके बाद जनवरी 2025 में मंत्री नितिन गडकरी ने फेसबुक पर गोविंदपुर और निरसा में एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए 1130.54 करोड़ रुपए स्वीकृत का पोस्ट जारी किया था
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