गोड्डा। झारखंड: जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला जज रमेश कुमार एवं सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर प्रखंड के लीगल एड क्लिनिक की ओर से न्याय आपके द्वार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी कड़ी में बसंतराय प्रखंड अंतर्गत आदिवासी बहुल गांव ढ़ीबा में शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को कानूनी जानकारी दी गई। इस दौरान डालसा की ओर गठित टीम के पीएलवी जायसवाल मांझी, जोबाती मुर्मू ने भारत को नशामुक्त बनाने के लिए नशे से नाता तोड़ो, जीवन से नाता जोड़ने का आह्वान किया। कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने नालसा डाउन प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत को नशामुक्त बनाना है। इसके लिए खासकर युवा, किशोरी एवं नशा पीडितों को न्याय, परामर्श और पुनर्वास की दिशा में सहायता प्रदान कराती है।
नशीले पदार्थ के सेवन से बच्चे पतन की ओर
उन्होंने नशीले पदार्थ के सेवन से कैसे बच्चे पतन की ओर जाते हैं। नशा कैसे बच्चे के विकास में बाधक बनती हैं। बताया गया कि यह नशीले पदार्थ कैसे परिवार के सुख एवं शांति को नष्ट कर देते हैं। यूनिट डाउन का मुख्य उद्देश्य नशे के मामले में फंसे व्यक्तियों को नि:शुल्क विधिक सहायता सुनिश्चित कराने, मेंटल हेल्थ समर्थन व वेलनेश सेंटर में भर्ती कराने, ऐसे बच्चे का पुनर्वास पूरा होने तक उचित निगरानी करना शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न जगहों पर शिविर आयोजित कर विविध जानकारी दी गई। वहीं, ग्रामीणों को बाल विवाह रोकने की दिशा में अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है । लड़की को 18 से कम व लड़का की शादी 21 की उम्र में शादी कराना गैर कानूनी है। यह उम्र बालक- बालिकाओं के विकास व पठन-पाठन के लिए उपयुक्त होता है। ऐसे में कम उम्र में शादी हाेना उनके जीवन के साथ खिलवाड़ करना है। इसके लिए उभय पक्षों के अलावा पंडित, मौलवी, बाराती सहित शामिल होने वालों के लिए सजा व जुर्माना का प्रावधान है। इसके अलावा अन्य प्रखंडों में भी न्याय आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।




