धनबाद में 11 कोलियरियों में कोयला चोरी के 50 हॉटस्पॉट सामने आए। BCCL और प्रशासन पर उठे सवाल, अवैध खनन जारी।
धनबाद | विशेष रिपोर्ट: कोयलांचल का श्वेत पत्र कई चौंकाने वाले खुलासे करता है। धनबाद में 11 कोलियरियों में कोयला चोरी के करीब 50 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इसके बावजूद अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। यही कारण है कि अब सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
सोनरडीह में हाल ही में हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि इसके पीछे भूमिगत आग और अवैध खनन जिम्मेदार है। इसके बाद लोगों में गुस्सा बढ़ गया है। साथ ही यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।
11 कोलियरियों में अवैध खनन
सूत्रों के अनुसार, Bharat Coking Coal Limited (बीसीसीएल) की 11 कोलियरियों में अवैध खनन के हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन इलाकों में पुटकी, बरोरा, महुदा, गोविंदपुर, कतरास, सिजुआ और बस्ताकोला शामिल हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां अवैध खनन लंबे समय से जारी है।
चर्चित इलाकों में भी अवैध खनन
रिपोर्ट के अनुसार कई संवेदनशील क्षेत्रों में खुलेआम अवैध उत्खनन हो रहा है।
- बरोरा एरिया: ओबी डंप और मुराईडीह बस्ती के पास
- महुदा एरिया: भाटडीह, नागदा और मुराईडीह
- गोविंदपुर एरिया: आकाश किनारी, खटाल बस्ती, तेतुलिया
- कतरास एरिया: आशा कोठी, डेको माइंस, कांटा पहाड़ी
- सिजुआ: श्याम बाजार क्षेत्र
- पुटकी: बोर्रागढ़ पिट के पास
- बस्ताकोला: रजवार बस्ती और घनुडीह
इसके अलावा लोदना, सुदामडीह, भौरा और सीबी एरिया में भी अवैध खनन जारी है।
सिस्टम को चुनौती दे रहे कोयला तस्कर
एक ओर कोयला चोर और तस्कर लगातार सक्रिय हैं।
दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियां प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही हैं।
आरोप है कि अवैध खनन का सिंडिकेट बहुत मजबूत हो चुका है। यह गुटों में बंटकर अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहा है।
हैरानी की बात यह है कि न तो कंपनियां, न Central Industrial Security Force (CISF), और न ही पुलिस इसे रोक पा रही है।
प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती
बीसीसीएल प्रबंधन के लिए यह गंभीर चुनौती बन गया है।
सीएमडी पहले ही कह चुके हैं कि कोयला चोरी धनबाद के लिए “कोढ़” है। उन्होंने माना कि जब तक इस समस्या पर नियंत्रण नहीं होगा, कंपनी की स्थिति नहीं सुधरेगी।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, धनबाद में कोयला चोरी और अवैध खनन एक बड़ी समस्या बन चुकी है। जब तक सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यह सिलसिला जारी रहेगा। इसके परिणामस्वरूप लोगों की जान भी खतरे में पड़ती रहेगी।
—रिपोर्टर मिलन पाठक बाघमारा
























