धनबाद: शहर के पार्कों की बदहाल व्यवस्था को दुरुस्त करने और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से धनबाद नगर निगम ने पार्कों को निजी एजेंसियों के माध्यम से संचालित कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। बिरसा मुंडा पार्क को आउटसोर्स करने के बाद अब निगम ने कतरास के लिलोरी पार्क, झरिया के चिल्ड्रेन पार्क और करकेंद के नेहरू पार्क को निजी एजेंसियों के हवाले करने की तैयारी शुरू कर दी है।
तीनों पार्कों के संचालन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 21 सितंबर निर्धारित की गई थी। अब 24 सितंबर को खुली डाक के माध्यम से बोली लगाई जाएगी। संबंधित पार्क के लिए सबसे अधिक बोली लगाने वाली एजेंसी को निर्धारित शर्तों के तहत उसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
सफाई से सुरक्षा तक संभालेगी निजी एजेंसी
आउटसोर्सिंग के बाद चयनित एजेंसी को पार्क की नियमित सफाई, माली की व्यवस्था, हरियाली और पौधों का रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था तथा पार्क में लगे उपकरणों की देखभाल जैसी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। इसके अलावा टिकट व्यवस्था और पार्क में उपलब्ध अन्य सुविधाओं के संचालन की जिम्मेदारी भी तय नियमों एवं शर्तों के अनुसार एजेंसी को दी जा सकती है।
नगर निगम का उद्देश्य निजी एजेंसी के माध्यम से पार्कों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करना और शहरवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।
चरणबद्ध तरीके से 10 पार्क होंगे आउटसोर्स
धनबाद नगर निगम शहर के कुल 10 पार्कों को चरणबद्ध तरीके से आउटसोर्स करने की योजना पर काम कर रहा है। इनमें बिरसा मुंडा पार्क के अलावा लिलोरी पार्क, गोल्फ ग्राउंड पार्क, राजेंद्र सरोवर पार्क, दुहाटांड़ पार्क, सिंदरी पार्क, चिल्ड्रेन पार्क झरिया, नेहरू पार्क करकेंद, दादा-दादी पार्क और तेलीपाड़ा पार्क शामिल हैं।
पार्कों का संचालन निजी एजेंसियों को सौंपे जाने के बाद नगर निगम की प्रमुख भूमिका निगरानी, व्यवस्था की समीक्षा और तय शर्तों के अनुपालन तक रहेगी। निगम की इस पहल से इन पार्कों की मौजूदा व्यवस्था में सुधार और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।




















