नई दिल्ली/अंतरराष्ट्रीय डेस्क | संवाददाता
नरेन्द्र मोदी ने सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह न केवल सूरीनाम के लिए बल्कि वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है।
प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि उन्हें इस दुखद समाचार से गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने संतोखी जी को अपना मित्र बताते हुए कहा कि उनके साथ हुई कई मुलाकातें आज भी उन्हें याद हैं। इन मुलाकातों के दौरान सूरीनाम के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और भारत-सूरीनाम संबंधों को सशक्त बनाने के उनके प्रयास स्पष्ट रूप से दिखाई देते थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संतोखी जी भारतीय मूल के एक ऐसे लोकप्रिय नेता थे, जिन्होंने दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनके विशेष लगाव का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि संस्कृत में शपथ लेकर उन्होंने न केवल भारतीय समुदाय बल्कि दुनिया भर के लोगों का दिल जीत लिया था।
उन्होंने आगे कहा कि संतोखी जी की राजनीतिक और सामाजिक प्रतिबद्धता हमेशा प्रेरणादायक रहेगी। उनके कार्यों और विचारों को लंबे समय तक याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके निधन से जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसे भर पाना कठिन होगा।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत नेता के परिवार और सूरीनाम के लोगों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
🔹 प्रधानमंत्री ने कहा:
“यह वैश्विक भारतीय समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है”
“उनसे हुई मुलाकातें हमेशा याद रहेंगी”
“भारतीय संस्कृति से उनका गहरा लगाव था”
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